ऐक्टर

 ऐक्टर बनना है?.. 

पहले अच्छे से सीख भी लीजिए!



जिस तरह हर प्रोफ़ेशन या पेशे को अपनाने के लिए पहले उसे सीखना पड़ता है, वैसे ही ऐक्टिंग भी है। क्योंकि आप भले ही सीखने की परवाह करें या न करें, जो लोग करोड़ों रुपए की फ़िल्में और सीरियल बनाते हैं, वह इस बात की परवाह करते हैं कि काम करने वाले सारे आर्टिस्ट प्रोफ़ेशनल हों। 


सेट पर यह ज़रूरत होती है कि सभी ऐक्टर्स को अपना काम अच्छी तरह करना आता हो और जैसा डायरेक्टर चाहे वैसा काम आसानी से निकाल के दे दे। 


चुनने वाले लोग पारखी होते हैं। वह देखते ही भाँप जाते हैं कि सामने वाला खिलाड़ी है या अनाड़ी। 


लेकिन कई लोग इसी अहम (Ego) के शिकार रहते हैं कि वह तो जन्मज़ात ऐक्टर हैं या ऐक्टिंग भला कोई सीखने की चीज़ है। सीखने की बात उन्हें ख़ुद की बेइज़्ज़ती जैसी लगती है। इस चक्कर में बहुत सारा वक़्त निकल जाता है। 




 सोचिए... 

पैसा तो फिर भी कमाया जा सकता है, लेकिन वक़्त नहीं। वक़्त वापस नहीं मिलता। इसलिए समझदारी इसी में है कि आप वक़्त बचाएं। 


अगर गंभीरता से ऐक्टिंग को अपना करियर बनाना चाहते हैं तो पहले सीख लीजिए। 


जब आप यह चाहते हैं कि ऐक्टर के रूप में आपको नाम और प्रसिद्धि मिले। काम के बदले ख़ूब पैसा भी मिले, तो बिना सीखे कैसे आप ख़ुद को साबित कर पाएंगे? 


आज का दौर दो-तीन साल में फ़िल्म बनने का नहीं रहा। बहुत तेज़ है। तीन से 6 महीने के भीतर फ़िल्में बनने लगी हैं। डायरेक्टर्स को फ़टाफ़ट अपना काम निकालना रहता है और उसके लिए क़ाबिल एक्टर्स ही चाहिए। आप भी ख़ुद को क़ाबिल बनाइए।



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