हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ एसएसपी के कड़े निर्देश के बाद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। सिडकुल पुलिस ने दो ऐसे नवयुवकों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर अवैध तमंचे और कारतूस सप्लाई करते थे। इनमें से एक आरोपी का शौक और अंदाज वेब सीरीज़ ‘मिर्ज़ापुर’ के कुख्यात किरदार ‘कालीन भैया’ जैसा था। *315′ का टैटू और ‘कालीन भैया’ बनने का शौक* गिरफ्तार आरोपियों में से एक, गौरव कुमार (24 वर्ष), खुद को ‘कालीन भैया’ जैसा दिखाना चाहता था। पुलिस के अनुसार, गौरव ने अपनी गर्दन पर ‘315’ नंबर का टैटू गुदवा रखा था, जो अवैध तमंचे के बोर को दर्शाता है। वह इन हथियारों को न सिर्फ शौकिया तौर पर रखता था, बल्कि सिडकुल क्षेत्र में अपराध करने और अवैध कट्टों की सप्लाई करने की नीयत से सक्रिय था। *दो तस्कर गिरफ्तार, दो अवैध तमंचे बरामद* एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, गुरुवार को थाना सिडकुल पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान दो अलग-अलग स्थानों से दो आरोपियों को हिरासत में लिया। दोनों आरोपी – अनिकेत (26 वर्ष) और गौरव कुमार (24 वर्ष), रायपुर दरेड़ा...
प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची थी महिला फतेहापुर के एक गाँव के रहने वाले जुनेद ने अपनी पत्नी को जिलाअस्पताल में भर्ती करवाया था | महिला ने शाम 6 :15 को बेटे को जन्म दिया | परिवार वाले काफी खुश थे,डॉक्टर ने बच्चे की पूरी तरह स्वस्थ होने की बात कही और उसे SNCU में शिफ्ट किया गया| अस्पताल में पूरी रात नवजात के परिजनों को बच्चे के पास नहीं जाने दिया,और रविवार सुबह बच्चे की नानी उसे देखने गयी तो बच्चे का शरीर पूरा नीला पड़ गया था | एक डॉक्टर ने कहा गलती हो गयी माफ़ कर दीजिये बच्चे के पिता ने बताया की जब वो इस घटना को लेकर एक डॉक्टर से सवाल किये तो उन्होंने कहा:-“माफ़ कर दीजिये गलती हो गयी| इतना कहकर वे वहां से चले गए फिर नजर नहीं आये| मै उनका नाम नहीं जानता,लेकिन सामने आये तो पहचान लूंगा “| मामले की जांच शुरू.. इंस्पेक्टर पांडे ने बताया की नवजात के पिता की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है| उधर CMS डॉ. सेठ ने भी कहा है की जांच करवाई जाएगी | दोषी के खिलाफ कारवाही होगी |
वो आखिरी रोटी शहर की चकाचौंध में रहने वाले राहुल ने कई सालों बाद अपने गाँव जाने का फैसला किया। वह अब एक बड़ा अफसर बन चुका था। घर पहुँचते ही उसने देखा कि उसकी माँ रसोई के धुएँ में बैठी चूल्हे पर रोटियाँ बना रही थी। वही पुरानी फटी साड़ी, वही कमजोर हाथ, लेकिन चेहरे पर बेटे को देखने की वही पुरानी चमक। Viral Video रात को खाने की मेज पर माँ ने राहुल की थाली में गरम-गरम रोटियाँ परोसीं। राहुल ने खाते-खाते ध्यान दिया कि माँ खुद सिर्फ पानी पीकर किनारे बैठ गई। राहुल ने पूछा, "माँ, आपने खाना क्यों नहीं खाया?" माँ ने मुस्कुराकर कहा, "बेटा, दोपहर को पड़ोस में शादी थी, वहाँ इतना खा लिया कि अभी भूख ही नहीं है। तू आराम से खा।" राहुल को कुछ शक हुआ। देर रात जब सब सो गए, राहुल चुपके से रसोई में गया। उसने रोटी के डिब्बे को खोलकर देखा— डिब्बा बिलकुल खाली था। आटे का बर्तन भी साफ था, यानी घर में एक दाना भी नहीं बचा था। तभी उसे याद आया कि बचपन में भी जब कभी खाना कम पड़ता था, माँ अक्सर यही कहती थी— "मेरा पेट भरा है" या "आज मेरा व्रत है"। आज इतने सालों बाद भी, वह "...
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