प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची थी महिला फतेहापुर के एक गाँव के रहने वाले जुनेद ने अपनी पत्नी को जिलाअस्पताल में भर्ती करवाया था | महिला ने शाम 6 :15 को बेटे को जन्म दिया | परिवार वाले काफी खुश थे,डॉक्टर ने बच्चे की पूरी तरह स्वस्थ होने की बात कही और उसे SNCU में शिफ्ट किया गया| अस्पताल में पूरी रात नवजात के परिजनों को बच्चे के पास नहीं जाने दिया,और रविवार सुबह बच्चे की नानी उसे देखने गयी तो बच्चे का शरीर पूरा नीला पड़ गया था | एक डॉक्टर ने कहा गलती हो गयी माफ़ कर दीजिये बच्चे के पिता ने बताया की जब वो इस घटना को लेकर एक डॉक्टर से सवाल किये तो उन्होंने कहा:-“माफ़ कर दीजिये गलती हो गयी| इतना कहकर वे वहां से चले गए फिर नजर नहीं आये| मै उनका नाम नहीं जानता,लेकिन सामने आये तो पहचान लूंगा “| मामले की जांच शुरू.. इंस्पेक्टर पांडे ने बताया की नवजात के पिता की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है| उधर CMS डॉ. सेठ ने भी कहा है की जांच करवाई जाएगी | दोषी के खिलाफ कारवाही होगी |
खौफनाक परछाई शाम ढल चुकी थी, और मैं अपने ब्लॉग के लिए एक नई कहानी लिखने बैठा था। बाहर हल्की बारिश हो रही थी, जिसकी बूंदें खिड़की से टकराकर एक अजीब-सी धुन पैदा कर रही थीं। अचानक, मेरे लैपटॉप की स्क्रीन पर एक काली परछाई दिखी। मैंने सोचा शायद बाहर किसी पेड़ की होगी, लेकिन जब मैंने ऊपर देखा, तो वहाँ कुछ नहीं था। मैं फिर से लिखने लगा, लेकिन वह परछाई फिर उभरी, इस बार थोड़ी बड़ी और स्पष्ट। मेरे रोंगटे खड़े हो गए। मैंने चारों ओर देखा, कमरे में मैं अकेला था। दिल की धड़कनें तेज़ हो गईं। मैंने खुद को समझाया कि यह सिर्फ मेरी कल्पना है, शायद ज़्यादा देर तक स्क्रीन देखने का नतीजा। मैंने खिड़की बंद कर दी और पर्दा खींच दिया। कमरे में अब सिर्फ लैपटॉप की रोशनी थी। मैं फिर से लिखने बैठा। तभी मुझे अपने पीछे एक ठंडी साँस महसूस हुई। मैंने तेज़ी से पलटा, लेकिन वहाँ कोई नहीं था। सिर्फ़ एक हल्की-सी सरसराहट थी, जैसे कोई मेरे बहुत करीब से गुज़रा हो। मेरी हिम्मत जवाब दे रही थी। मैंने लैपटॉप बंद करने की सोची, लेकिन तभी स्क्रीन पर वह परछाई फिर से नाचने लगी। इस बार वह किसी इंसान जैसी दिख रही थी, जिसकी आँखें लाल थीं ...
हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ एसएसपी के कड़े निर्देश के बाद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। सिडकुल पुलिस ने दो ऐसे नवयुवकों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर अवैध तमंचे और कारतूस सप्लाई करते थे। इनमें से एक आरोपी का शौक और अंदाज वेब सीरीज़ ‘मिर्ज़ापुर’ के कुख्यात किरदार ‘कालीन भैया’ जैसा था। *315′ का टैटू और ‘कालीन भैया’ बनने का शौक* गिरफ्तार आरोपियों में से एक, गौरव कुमार (24 वर्ष), खुद को ‘कालीन भैया’ जैसा दिखाना चाहता था। पुलिस के अनुसार, गौरव ने अपनी गर्दन पर ‘315’ नंबर का टैटू गुदवा रखा था, जो अवैध तमंचे के बोर को दर्शाता है। वह इन हथियारों को न सिर्फ शौकिया तौर पर रखता था, बल्कि सिडकुल क्षेत्र में अपराध करने और अवैध कट्टों की सप्लाई करने की नीयत से सक्रिय था। *दो तस्कर गिरफ्तार, दो अवैध तमंचे बरामद* एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, गुरुवार को थाना सिडकुल पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान दो अलग-अलग स्थानों से दो आरोपियों को हिरासत में लिया। दोनों आरोपी – अनिकेत (26 वर्ष) और गौरव कुमार (24 वर्ष), रायपुर दरेड़ा...
Comments
Post a Comment