पापा मैं बोझ नहीं हूँ ।

 “बेटी कुदरत का है उपहार, इसको जीने का दो अधिकार”




“खुशहाली आएगी खुशहाली आएगी हमारी बेटीयाँ जब स्कुल पढ़ने जायेगी”

“बेटी बचाओ बेटी पढाओ, बेटी को पढ़ाकर एक सभ्य समाज बनाओ”

“पुत्री है सबसे सुन्दर उपहार, इसके साथ न करो दुर्व्यवहार”

“बेटी को अधिकार दो, बेटे जैसा प्यार दो”

“आपकी लालसा है बेकार, बिन बेटी के न चले संसार”

“लक्ष्मी-नारायण, राधे-श्याम, सीता-राम, गौरी-शंकर, – जब पुजीनीय भी पहले नारी, फिर नर, तो फिर क्यों नहीं देते लड़कियों को जन्म का अवसर”



“बेटी से ही आबाद हैं, सबके घर-परिवार, अगर न होती बेटियाँ तो थम जाता संसार”

“स्वाभिमान और अभिमान का प्रतीक है बेटियां, इसलिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”

“अगर बेटी को मरवाओगे, तब दुल्हन कहा से लाओगे”


“वो शाख है न फूल, गर तितलियाँ न हों, वो घर भी कोई घर है, जहाँ बच्चियाँ न हों”

“माँ चाहे तो तू मुझे प्यार ना देना, चाहे तो दुलार ना देना, कर सको तो इतना करना जन्म से पहले मुझे मार ना देना”

“बहुत सरल है पेट में करना मुझ पर वार, हिम्मत है तो ए माँ, मुझको पैदा करके मार”

“सृष्टि का सृजन हैं बेटियां और हमारे घर का आंगन है बेटियां”

“अगर करनी है जीवन और समाज की सुरक्षा, तो बेटियों को पढ़ा लिखाकर करो इनकी रक्षा”

“आज एक वादा करो, बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लो”


“बेटी को मत समजो भार, जीवन का है ये आधार”

“बेटा-बेटी एक समान, यह तो है हर घर की शान”

“नारी तूही घर का गहना, तुझमे ही माँ, बीबी और बहना”

“ज़िन्दगी को ज़िन्दगी से जोड़ते जाओ, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाते जाओ “

“बेटी बचाओ बेटी पढाओ, बेटी की रक्षा करके आदर्श माँ बाप का फर्ज निभाओ”

“खुशियों का उद्गम है बेटियां, इन्हें मारोगे तो नहीं मिलेंगी खुशियां”

“हर लड़की है आपकी इज्जत, इसे दहेज़ से न करो बेइज्जत”

“माँ नहीं तो बेटी नहीं, बेटी नहीं तो बेटा नहीं”

“कैसे खाओगे उनके हाथ की रोटियां, जब पैदा होने ही नहीं दोगे बेटियां”


“बेटे पढ़ेंगे तो एक घर को बढ़ाएंगे, बेटी पढ़ेंगी तो दोनों घर को खुशहाल बनाएगी”

“बेटिया है कुदरत का उपहार, इन्हें तो चाहिए बस आपका प्यार और दुलार”

“बेटी को मारोगे, तो मनुष्य नहीं जानवर कहलाओगे”

“शिक्षा बेटी का हैं हथियार, बढाओ कदम इस पर करो विचार”

“बेटी को जो दे पहचान, वह माता-पिता महान”

“बेटी है परिवार की शान, बढ़ाती है देश, प्रतिष्ठित समाज का मान”

“दहेज़ लेना और देना, दोनों सामाजिक अपराध है”

“बेटी है तो कल है”

“बेटे पढ़ेंगे तो एक घर को बढ़ाएंगे, बेटी पढ़ेंगी तो दोनों घर को खुशहाल बनाएगी”

“बेटी के जीवन को बचाना है, पढ़ा लिखाकर उन्हें आगे बढ़ाना है”

“उड़ान तो भरने दो, बेटियां भी करेगी जग में आपका नाम”

“अगर बेटे है घर के शान तो बेटियां भी है घर के आन”

“जीवन का है ये आधार, बेतियों को समझो न भार”

“सृष्टि की सृजन है बेटी, हर घर का आँगन है बेटी”

“चाहे मुन्ना चाहे मुनिया, एक ही बच्चे की प्यारी दुनिया


“खुशियो के फूल खिलाती बेटी, घर आँगन महकाती बेटी”

“ये इस बार हमने ठाना है, अपनी बेटी को शसक्त बनाना है”

“अश्लीलता को दूर भगाओ, अपनी बेटियों को बचाओ”

“आज, अभी और अब से बेटी पढ़ेंगी बेटी बढेंगी”

“अगर बेटी का करोगे नाश, तो हो जाएगा सब का विनाश”

“बेटी है कुदरत का एक अनमोल उपहार, पढ़ने और जीने का भी दो इनको अधिकार”


गांव- शहर में सिर्फ यही मुहिम चलाओ, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ”

“अपने सोच का करे सुधार, बिन बेटी के नही चल सकता ये संसार”

“एक बेटी पढ़ेगी, तो दो परिवार शिक्षित होंगे”


“माँ चाहिए, पत्नी चाहिए, बहन चाहिए, फिर बेटी क्यों नहीं चाहिए”

“अपनी बेटी को शिक्षा दिलाओ, देश की साक्षरता बढाओ”

“हर जंग में हार जाओगे, अगर बेटी को ना अपनाओगे”

“जिम्मेदारी संग, बेटी भर रही उड़ान, न कोई शिकायत, न कोई थकान”


“बेटियों” को मत रखो तुम निरक्षर, “बेटियाँ” भी बनेंगी अब बड़ी “अफसर”

“अगर जीवन को आगे बढ़ाना है, तो बेटियों के जीवन को सुरक्षित बनाना है”

“बेटियां समस्या नहीं, समस्या का समाधान”

“हमारी बेटी है दुर्गा की शक्ति, यही देश को बनाएगी महाशक्ति”

“न अपनी दुनिया स्वयं मिटाओ, होश में आओ, बेटी बचाओ”

“कोमल है, कमजोर नहीं तू, शक्ति का नाम ही नारी है, जग को जीवन देने वाली, मौत भी तुझसे हारी है”

“खुले आसमान की ऊंची उड़ान हैं बेटियां, हर मां-बाप की शान हैं बेटियां”

“बेटिया कभी नही होती है भार, ऐसा सोच कर मत करो उनका तिरस्कार”

“मौका तो दो, बेटियां भी बुढ़ापे की लाठी बन सकती है”

“तभी करेगा देश प्रगति, जब बेटियों के जीवन को मिलेगी गति”

“पढ़ेंगी, बढ़ेंगी और कीर्तिमान गढ़ेंगी, ये भारत की बेटियां यश-शिखर तक चढ़ेंगी”

“जो बेटियों को करेगा प्यार, सिर्फ वही होगा मान और सम्मान का असली हकदार”

“दहेज प्रथा को अब दूर भगाओ, दहेज़ रुपी दानव से बेटी के जीवन को बचाओ”

“सोच बदलो बेटी आई है, मानो घर में लक्ष्मी आई है”

“असंभव को संभव बनाओ, अपनी बेटी को आगे बढाओ”

“ऐसा कोई काम नहीं, जो बेटियाँ न कर पाई है, बेटियां तो आसमान से, तारे तक तोड़ कर लाई है”

“जैसे करते खुद की रक्षा, ऐसे ही करो बेटी की सुरक्षा”

“रूढ़िवादी विचारो को अब भूलाओ तुम, बेटियों को अपनाओ और बेटी को पढाओ”

“बेटी है जीवन का आधार, उनके जीवन की रक्षा के लिए रहो हमेसा तैयार”

“जैसे अपनी बेटी की करते है सुरक्षा, ठीक वैसे दुसरो की बेटियों की करना रक्षा”

 “पुरुष पढ़ेगा तो अकेला बढेगा, बेटी पढेगी तो पूरा परिवार बढेगा”

“इंद्र धनुष से सजेंगे रंग, जब संग होगी बेटी की तरंग”

“जाग जाए अगर देश की बेटियां, युग स्वयं ही बदलता चला जायेगा”

“दे दो दर्जा “बेटियों” को समान अधिकार का, उनकी ख्वाहिशों पर न अब तुम लगाओ अंकुश”

“मत करो बेटी के साथ फर्क का व्यवहार, बेटी भी बन सकती है आपके जीने का आधार”

“हर बेटी की यही पुकार, हमारे जीवन में अब करो सुधार”

“बेटी बचाने का करो इरादा, अभी से दो हमें यह वादा”





Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

अस्पताल में पूरी रात नवजात के परिजनों को बच्चे के पास नहीं जाने दिया

New Mobiles | Upcoming Mobile 2023 | New Mobiles Updates

How to appeal to remove Unoriginal Content issue in Facebook 2024